मध्यप्रदेश का एक ऐसा आलौकिक मंदिर जहां का रहस्य साइंटिस्ट भी नही खोज पाए।

मध्य प्रदेश का एक ऐसा आलोकिक मंदिर जहाँ का चमत्कार देखने विदेशो से भी साइंटिस्ट आ चुके है लेकिन कुछ पता न लगा पाए श्रद्धालु दूर दूर से यहाँ चमत्कार को देखने और दर्शन करने के लिए आते है।

 
 
 
 
 
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काल भैरव मंदिर मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित है। इस मंदिर में संरक्षक देवता काल भैरव की पूजा की जाती है। काल भैरव मंदिर शिप्रा नदी के किनारे स्थित हैं। यह दूर दूर से पर्यटक घूमने आते हैं। उज्जैन में सबसे ज्यादा आपको मंदिर ही देखने को मिलते हैं। यह मन्दिर न जाने कितने वर्ष पुराना है। इस मंदिर की काफ़ी मान्यता है।

 
 
 
 
 
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प्रभु की छवि कुमकुम या सिंदूर के साथ परतदार चट्टान के रूप में बस एक चेहरा है । देवता के चांदी के सिर को मराठा शैली की पगड़ी से सजाया गया है। यह परंपरा महादजी शिंदे के समय से चलती आ रही है। काल भैरव को उज्जैन शहर का सेनापति माना जाता है।

 
 
 
 
 
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काल भैरव मंदिर में बाबा भैरव को शराब का प्रसाद चढ़ाया जाता है। और ऐसा माना जाता है की शराब स्वयं भैरव बाबा ही पीते हैं। जब वहा के पंडित उनके मुख के अंदर शराब डालते हैं शराब सीधे अंदर जाती हैं। यह एक रहस्य है कि शराब जाति कहाँ है। कई लोगो ने इसकी खोज करनी चाही परंतु हार गए आज तक कोई नहीं जान पाया की शराब जाति कहा है।

 
 
 
 
 
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मन्दिर के बाहर ही आपको प्रसाद की दुकानें मिल जाएंगी। प्रसाद की टोकरी में नारियल, फूल और शराब की एक बोतल होती है। शराब चढ़ाने के बाद 1/3 शराब की बॉटल आपको प्रसाद के रुप मे वापस कर दी जाती हैं।

 
 
 
 
 
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यह मन्दिर उज्जैन में भेरवगढ़ में बना हुआ है। यह तक आप ऑटो कर के आ सकते है। यह मन्दिर हर रोज खुला रहता है। आप कभी भी यहां आ सकते हैं। यह किसी प्रकार का पैसा नही लिया जाता है आप अपनी श्रद्धा भक्ति से दान कर सकते हैं।
यहाँ का नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर में है जो यहाँ से लगभग 60 किलोमीटर दूर है वहाँ से आप बस में उज्जैन आ सकते है, या आप ट्रैन से पुरे भारत भी सीधे उज्जैन आ सकते है।

 
 
 
 
 
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उज्जैन में घूमने के लिए और भी कई ऐसे मंदिर है जिनकी अपनी विशेष मान्यताएं है। महाकाल मंदिर, हरसिद्धि मंदिर, भूखी माता मन्दिर, गड़कालिका मन्दिर, बड़ा गणेश मन्दिर, सिद्धनाथ मन्दिर, मंगलनाथ मंदिर आदि है जहा आप जा सकते हैं।