तीन तरफ से समुद्र से घिरी इस अद्भुत जगह पर सूर्यास्त के खूबसूरत नज़ारों के साथ जानिए हमारी जल सेना के बलिदान की कहानी!

समुद्र किनारे एकदम शांति में सिर्फ सागर की लहरों की आवाज़ सुनना आखिर किसे पसंद नहीं होगा… और अगर यही सब हम सूर्यास्त के समय सुनहरे सूरज की रौशनी से नारंगी रंग के हुए समुद्र के किनारे बैठकर महसूस करें तो इसके क्या ही कहने !

साथ ही अगर ये नज़ारा किसी वॉच-टावर की ऊंचाई से लेकिन समुद्र किनारे बैठकर देखने को मिले तो कैसा रहेगा…? हमें यकीन है आपको ये सब सुनने से ही बेहद सुकून सा महसूस हो रहा होगा।

तो आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे है जो कि पर्यटन की दुनिया का एक छिपा हुआ रत्न है जहाँ आप तीन तरफ से समुद्र से घिरी एक छोटी से पहाड़ी पर मौजूद इस शानदार जगह पर सुकून का असली मतलब समझ सकते हैं


साथ ही ये जगह हमारी जल सेना के बलिदान को भी याद दिलाती है जिसका हमारे देश के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण स्थान है।
हम बात कर रहे हैं केन्द्र शासित प्रदेश दमन और दीव के दीव आइलैंड पर स्थित, ‘आईएनएस खुखरी मेमोरियल’ की जिसे दीव प्रसाशन द्वारा बड़ी खूबसूरती से तैयार करवाया गया है।

आईएनएस खुखरी मेमोरियल एक भारतीय नौसेना जहाज, ‘आईएनएस खुखरी’ का स्मारक स्थल है, जो भारत के ऐतिहासिक नौसेना जहाजों में से एक था। ये युद्धपोत नौ दिसंबर 1971 को नौसैनिक जहाज पाकिस्तानी पनडुब्बी द्वारा छोड़े गए तीन टॉरपीडो का शिकार हो गया और दीव के तट से 40 समुद्री मील दूर डूब गया था।

अगर हाल ही में पर्यटकों को ध्यान में रखकर की गई परियोजनाओं की बात करें तो खुखरी मेमोरियल एक बेहद खूबसूरती से तैयार किये गए अद्भुत पर्यटक स्थल के तौर पर सामने आता हैं।


दीव शहर अपने आप में बेहद खूबसूरत शहर है जहाँ आप भीड़ से दूर समुद्र किनारे ड्राइव करते हुए ढेरों सुकून भरी यादें इक्कठी कर सकते हैं। और इन्हीं शानदार रास्तों से होते हुए दीव बस स्टैंड से सिर्फ 3 किलोमीटर दूर आप पहुँच जाते हैं आईएनएस खुखरी मेमोरियल।

इस छोटी सी पहाड़ी पर स्मारक में एक कांच के कक्ष में संलग्न आईएनएस खुखरी का एक छोटा मॉडल शामिल है
उसी कांच पर जहाज के सभी अधिकारियों और नाविकों के नाम प्रदर्शित किए गए हैं।

उस बलिदान के दिन आईएनएस खुखरी जहाज के साथ कुल 18 अधिकारियों और 176 नाविकों ने राष्ट्र के गौरव के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। इस सभी के नाम ऊपर स्मारक के साथ ही नीचे एंट्री के पास भी एक जगह लिखे हुए हैं।


अगर इसकी लोकेशन की बात करें तो ये दीव शहर में चक्रतीर्थ बीच के बगल में स्थित है। इस अद्भुत जगह इतने शानदार तरीके से विकसित किया गया है कि आप समुद्र के किनारे बैठने के साथ थोड़ी ऊंचाई से समुद्र की लहरों को निहार सकते हैं और भरपूर सुकून और आनंद ले सकते हैंसाथ ही निर्माण में इसका भी ध्यान रखा गया है कि सैकड़ों लोग एक साथ समुद्र के इस शानदार दृश्य का आनंद ले सकें। पहाड़ी के टॉप पहुंचना बेहद आसान है लेकिन फिर भी अपनी जरुरत के अनुसार आप बैटरी कार कि सहायता ले सकते हैं जिसका टिकट सिर्फ 20 रुपये का है।


साथ ही अगर आप सुखद समुद्री हवा और सूर्यास्त का आनंद लेना चाहते हैं तो आपको शाम के समय इस जगह की यात्रा करनी चाहिए। यहाँ परिसर में 2 मंदिर भी मौजूद हैं और बगल में मौजूद चक्रतीर्थ बीच भी कुछ समय बिताने के लिए बेहद अच्छा स्थान है। हमारी यात्रा के दौरान यहाँ नीचे फूडकोर्ट आदि का निर्माण भी चल रहा था जिसका डिज़ाइन बेहद आकर्षक था।


मेमोरियल के चारों और हरा भरा गार्डन भी बहुत अच्छे से मेन्टेन किया गया है और इस पुरे स्थान को बेहद साफ़ सफाई के साथ रखा जाता है जिसके लिए प्रसाशन को हमारा सलाम…!

तो आखिर में हम यही कहना चाहते हैं कि अगर आप दीव की यात्रा करते हैं तो समुद्र तट पर सुकून से भरी इस जगह और सबसे महत्वपूर्ण तौर पर हमारे देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमारे सैनिकों को सलाम करने के लिए यहाँ जरूर जाना चाहिए

अगर आप दीव कि और भी पर्यटन स्थलों के बारे में जानना चाहते हैं तो हम अपने आने वाले आर्टिकल्स में जरूर उनके बारे में बताएँगे लेकिन तब तक आप हमारे यूट्यूब चैनल WE and IHANA पर नीचे दिए हुए लिंक के द्वारा भी जा सकते हैं:

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