राजस्थान का ये छिपा हुआ ‘100 द्वीपों का शहर’ मानसून में बन जाता है स्वर्ग। जाने यहाँ के कुछ खूबसूरत पर्यटन स्थल

पर्यटन के लिहाज़ से राजस्थान हमारे देश और यहाँ तक की विश्व में भी एक बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहाँ के शाही महल व किले और वहां से जुड़े अनेकों किस्से और कहानियाँ, साथ में राजस्थान का विशाल रेगिस्तान और कुछ पहाड़ो से घिरी खूबसूरत झीलें…. इन सभी को देखने देश विदेश से अनेकों पर्यटक राजस्थान आते रहते हैं।

लेकिन राजस्थान का एक हिस्सा ऐसा भी है जहाँ आपको पूरे राजस्थान में सबसे ज्यादा हरियाली के साथ साथ माही नदी पर बने करीब 100 खूबसूरत और प्राकृतिक द्वीपों का समूह और न जाने कितने ही अद्भुत नज़ारे देखने को मिलेंगे जैसे आपने कभी भी राजस्थान में देखने की कल्पना नहीं की होगी।

और अगर आप बारिश के मौसम में या फिर मानसून के बाद यहाँ जाते हैं तो यकीन मानिये आपको अपनी आँखों से दिखती प्राकृतिक खूबसूरती पर विश्वास नहीं होगा और बस सोचते रह जायेंगे की इतनी खूबसूरत जगह कैसे अब तक पर्यटकों की नज़रों से दूर है।

जैसा की हमने सोचा था हमारी बांसवाड़ा जिले की यात्रा पर …. जी हाँ हम बात कर रहे हैं राजस्थान में पर्यटन के लिहाज़ से बिलकुल अनजाने बांसवाड़ा जिले की। तो चलिए आपको बताते है यहाँ के कुछ बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थलों के बारे में….

जगमेर हिल स्टेशन (जगमेर की बेहद खूबसूरत पहाड़ियां)

बांसवाड़ा के बहुत से अनजाने और अद्भुत पर्यटक स्थलों में सबसे पहले बात करते हैं जगमेर हिल्स की। बांसवाड़ा शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित जगमेर हिल्स पर अगर आप जुलाई से नवंबर महीने के बीच जायेंगे तो हम आपसे शर्त लगा सकते हैं की आपको वहां से आने का मन बिलकुल नहीं होगा और वहां की वादियों के साथ बस वहीं रुक जाने का मन करेगा।

बांसवाड़ा में आधुनिकता से एकदम दूर गाँवों के रास्तो से गुजरते हुए आप जगमेर पहाड़ी की चढ़ाई जब शुरू करेंगे तो कुछ देर बाद ही आपको कभी न देखे हुए नज़ारे दिखने लग जायेंगे। उन्ही रास्तों के कुछ शानदार नज़ारों में से एक आप ऊपर दी हुई फोटो में देख सकते हैं।

ये जगह आस पास के इलाको में पिकनिक स्पॉट के रूप में थोड़ी बहुत फेमस है इसलिए आपको यहाँ कुछ पर्यटक पिकनिक मनाते दिख जायेंगे। लेकिन ऊपर शांति और सुकून के साथ ताज़ी हवा में सामने दिख रहे अद्भुत नज़ारो को आप कभी नहीं भूल पाएंगे। तो अगर आप बांसवाड़ा जाएँ तो इस जगह जाना बिलकुल न भूलें।

चाचा कोटा:

जगमेर हिल्स के साथ ही एक और बेहद शानदार लोकेशन है चाचा कोटा। बांसवाड़ा बस स्टैंड से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित ये लोकेशन आपको सच में भुला देगी की आप राजस्थान में है।

शांत बहती एक खूबसूरत माही नदी और उस पर बने गोल और बेहद सुन्दर आकृति के अनेक द्वीप जो प्राकृतिक हरियाली से पूरी तरह ढके हुए हैं, इसके साथ ही वहां उड़ते देशी विदेशी पंछी, इन सभी के साथ जो नज़ारा आपकी आँखों के सामने होगा, उसे शब्दों में बताया नहीं जा सकता है और हम आपको सिर्फ यही कहेंगे की वो खूबसूरती आप अपनी आँखों से देखेंगे तभी राजस्थान के इस छिपे हुए खजाने को सच में समझ पाएंगे

एक ख़ास बात आपको बता दें की यहाँ आपको बिलकुल भी पर्यटकों की भीड़ नहीं मिलने वाली और आप सुकून से कभी न भूलने वाले पल यहाँ प्रकृति की गोद में बिता सकते हैं।

माही डैम: 

इन दोनों जगह जाने के बाद आप जा सकते हैं माही डैम और इस विशाल डैम को देखकर समुन्द्र जैसा नज़ारा राजस्थान में देख सकते हैं। अगर आप लकी हुए और मानसून में उस दिन यहाँ पहुंच जाएँ जब इस डैम के गेट खोले जा रहे हों तो आपको एक अनोखा नज़ारा देखने को मिलेगा। यहाँ पहुंचने के बाद करीब 100 सीढ़ियां चढ़ने के बाद आप ऊपर बने रास्ते पर पहुंच जायेंगे जहाँ से पूरे बांध का नज़ारा सच में बेहद शानदार है।

कागदी पिकअप विअर:

बांसवाड़ा सिटी के एकदम पास स्थित है बांसवाड़ा के सबसे पुराने पर्यटन स्थलों में से एक कागदी पिकअप विअर। जहाँ कागदी झील के चरण और एक पार्क बनाया गया है और यह जगह यहाँ के लोगों के लिए मॉर्निंग और इवनिंग वॉक के लिए एक पसंदीदा जगह भी है।

यहाँ झील के बीच एक आइलैंड जैसी जगह भी है जहाँ आप एक लोहे के पुल के द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं और साथ में यहाँ सिर्फ 50 रुपये का टिकट लेकर आप बोटिंग का आनंद भी ले सकते हैं।

साईं मंदिर: 

इस मंदिर की एक झलक देखने के बाद आपको ये बिलकुल भी किसी भारतीय मंदिर जैसा नहीं लगेगा। बेहद खूबसूरती से किसी विदेशी डिज़ाइन में बनाये गए इस साईं मंदिर में आप कुछ सुकून भरा समय बिता सकते हैं। ये भी बांसवाड़ा बस स्टैंड के एकदम पास स्थित है और कागदी पिकअप के एकदम सामने ही स्थित है।

त्रिपुरा सुंदरी मंदिर:

बांसवाड़ा अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ धार्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्त्वपूर्ण है। यहाँ स्थित बेहद प्राचीन त्रिपुरा सुंदरी मंदिर माता सती के 108 शक्तिपीठों में से एक है और इसीलिए खासकर नवरात्रों में यहाँ माता के हज़ारों भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर बांसवाड़ा शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर है जहाँ आप आसानी से बांसवाड़ा शहर से ऑटो वगैरह से पहुँच सकते हैं।

बांसवाड़ा शहर में ऐसे और भी बहुत से अद्भुत स्थान है जिसे हम अपने अगले ब्लॉग में बताने का जरूर प्रयास करेंगे। साथ ही आपको अगर बांसवाड़ा शहर के बारे मं जयादा जानकारी हिये तो आप हमारे Youtube चैनल WE and IHANA पर नीचे दिए हुए लिंक के द्वारा आसानी से जा सकते हैं:

यूट्यूब चैनल लिंक:

https://youtube.com/c/WEandIHANA

बांसवाड़ा कैसे पहुंचे ?

अगर आप रेल मार्ग से जाना चाहते हैं तो मध्य प्रदेश का रतलाम शहर और राजस्थान का उदयपुर रेलवे स्टेशन बांसवाड़ा से निकटतम रेलवे स्टेशन है और दोनों ही देश के बाकि प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं। रोड रूट से भी आप पहले रतलाम पहुंच सकते हैं और वहां से करीं 85 किलोमीटर दूर बांसवाड़ा शहर पहुँच सकते हैं और उदयपुर से बांसवाड़ा की दूरी करीब 150 किलोमीटर की है।

और अगर आप फ्लाइट से आना चाहते है तो उदयपुर एयरपोर्ट बांसवाड़ा से निकटतम एयरपोर्ट है जहाँ से आप टैक्सी या बस के द्वारा आसानी से बांसवाड़ा शहर पहुचं सकते हैं।