पठानकोट में घूमने की जगह। Places to visit in Pathankot

पठानकोट के समृद्ध इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता ने इसे पंजाब का एक बहुत ही लोकप्रिय पर्यटन स्थल बना दिया है, जो अपने कुछ धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है। पठानकोट कांगड़ा की तलहटी में स्थित एक शहर है, जो कि पर्यटक स्थल के साथ साथ यह शहर अब भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना के रक्षा बलों के आधार स्थल के रूप में भी कार्य करता है। साथ ही पठानकोट को हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर प्रवेश द्वार के रूप में भी जाना जाता है, इसीलिए जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की यात्रा पर जाने वाले पर्यटक अक्सर पठानकोट में भी रुकते है।

पठानकोट में घूमने की जगह। Places to visit in Pathankot


 

मुक्तेश्वर मंदिर पठानकोट

यह मन्दिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसे मुक्तेश्वर मंदिर के नाम से जाना जाता है, जो कि लगभग 350 साल पुराना माना जाता है। और यह मंदिर पठानकोट के सबसे पुराने और मशहूर मंदिरों में से एक है। मुक्तेश्वर नामक हिल्स स्टेशन पर स्थित है। इस मन्दिर में एक तांबे का योनी है, और एक सफेद संगमरमर की शिव लिंग भी यहां मौजूद है। इसके साथ ही इस मंदिर में शिव लिंग के अलावा भगवान हनुमान, ब्रह्मा, पार्वती, गणेश, नंदी और विष्णु सहित अन्य देवी देवताओं की मूर्तियाँ भी स्थापित हैं। यह मंदिर एक पहाड़ी के ऊपर स्थित है।

मुक्तेश्वर मंदिर पठानकोट 
                                   मुक्तेश्वर मंदिर पठानकोट 

 

नूरपुर किला पठानकोट

पठानकोट की अद्भुत संरचनाओं में से एक नूरपुर किला एक ऐसा स्थान है जिसे अंग्रेजों द्वारा नष्ट कर दिया गया था। और जिसका कुछ हिस्सा भूकंप से 1905 में ध्वस्त हो गया था। यह एक करीब 900 साल पुराना एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है। इसके साथ किले का कुछ भाग भी मौजूद है, जो पर्यटकों को इसकी ऐतिहासिक सुन्दरता का सुखद अनुभव प्रदान करता है। यह एक ऐसी जगह है जहां मीरा बाई और भगवान कृष्ण दोनों की ही मूर्तियों की एक साथ पूजा की जाती है।

नूरपुर किला पठानकोट
                                      नूरपुर किला पठानकोट

रणजीत सागर बांध

यह एक डेम है जहां आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ ट्रिप का मज़ा ले सकते है। यह डैम 1 दिन की ट्रिप के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। इस डेम को रावी नदी पर बनाया गया है। साथ ही रणजीत सागर बांध थिएन बांध के नाम से भी जाना जाता है।

रणजीत सागर बांध
                                      रणजीत सागर बांध

शाहपुरकंडी किला पठानकोट

इस किले का निर्माण 1505 में शाहजहाँ के राजपूत प्रमुख जसपाल सिंह पठानिया ने किया था। जिसे कांगड़ा और नूरपुर के क्षेत्रों की रक्षा के लिए बनाया गया था। रावी नदी के तट पर बसा हुआ यह किला पठानकोट के सबसे अच्छे और मशहूर पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है।

शाहपुरकंडी किला पठानकोट 
                              शाहपुरकंडी किला पठानकोट 

काठगढ़ मंदिर, पठानकोट

यह मंदिर एक रोमन शैली की वास्तुकला में बना हुआ है, साथ ही यह मंदिर चोच नदी और ब्यास नदी के संगम के बिंदु पर स्थित है। यह मंदिर पठानकोट के काठगढ़ गाँव में स्थित भगवान शिव को समर्पित मन्दिर है। जो कि 6 फुट ऊँचे शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है। यहां भगवान शिव के दर्शन के लिए भरी संख्या में लोग आते है।

काठगढ़ मंदिर, पठानकोट
                                   काठगढ़ मंदिर, पठानकोट

नागिन मंदिर पठानकोट

पंजाब के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है सांपों की देवी को समर्पित “नागिन मंदिर”। इस मंदिर की एक अनोखी बात यह है कि जिस स्थान पर नागनी माता की मूर्ति है, वहां से पानी निकलता है। और ऐसा कहा जाता है कि इस पवित्र पानी को पीने से सांप के काटने को ठीक किया जा सकता है।

नागिन मंदिर पठानकोट
                                नागिन मंदिर पठानकोट

काली माता का मंदिर पठानकोट

यह मंदिर काली माता को समर्पित है। जो कि पठानकोट के प्राचीन मंदिर में से एक है। साथ ही इस मंदिर में हर मंगलबार को विशेष भंडारे का भी आयोजन किया जाता है, उस समय पर्यटकों की भारी भीड़ मन्दिर में देखी जाती है। यह मंदिर पठानकोट का एक बहुत ही लोकप्रिय और प्रसिद्ध मंदिर है। जहां देश के बिभिन्न हिस्सों से भी तीर्थयात्री माता काली के दर्शन के लिए आते हैं।

काली माता का मंदिर पठानकोट
                     काली माता का मंदिर पठानकोट