गोवा के इस मंदिर में जाना बिलकुल भी न भूलें, अद्भुत है यहाँ की वास्तुकला! विदेशी पर्यटकों के बीच है काफी प्रसिद्ध

गोवा अपने बेहतरीन समुद्री तट, विदेशी कल्चर, नाईट लाइफ, कैसिनो और तमाम चीजों को लेकर काफी मशहूर है। यहाँ पर लोग हनीमून, फॅमिली ट्रिप, दोस्तों के साथ ट्रिप, छुट्टी बिताने के लिए पहुंचते है और यह छुट्टी बिताने के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन माना जाता है।

लेकिन गोवा ट्रिप के दौरान कई बार लोग बीच और अन्य चीजों को एक्स्प्लोर करने में कुछ बेहतरीन मंदिरों को भूल जाते है, ऐसे में आज के इस पोस्ट में हम एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बात करने वाले है जो आपको अपने गोवा के ट्रिप के दौरान जरूर विजिट करना चाहिए।

दोस्तों हम बात कर रहे है, महालसा मंदिर की जो गोवा के सबसे सुंदर मंदिरों में से एक है। यहां भगवान शिव शिवलिंग रुप में मौजूद हैं। कहा जाता है कि यहां भगवान शिव बाघ के रूप में देवी पार्वती के सामने प्रकट हुए थे। जिसे देखकर माता घबरा गईं और उनके मुंह से रक्षाम् गिरीश शब्द निकला।

इस मंदिर की वास्तुकला भी काफी विशेष है। यह मंदिर गोवा के ही एक मंदिर शांतादुर्गा की शैली में बना हुआ है। करीब 450 साल पुराना यह मंदिर देखने में काफी सुंदर है। यहां एक पानी का कुंड भी है, जो इसके प्राकृतिक सौंदर्य को और भी ज्यादा बढ़ा देता है।

यहां सभी स्तंभ पत्थर के बने हैं और इस मंदिर में एक भव्य दीपस्तंभ भी है। मंदिर के अंदर कई गुंबद और झरोखे भी है। यहां भगवान शिव के प्रिय नंदी भी विराजमान हैं और मंदिर के बीच में एक भव्य सात मंजिला दीपस्तंभ है। जहां काफी संख्या में लोग खड़े हो सकते हैं।

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मान्यता है कि इस शहर की रचना भगवान परशुराम ने की थी। यह शहर प्राचीन कोंकण क्षेत्र का एक हिस्सा था। कहते हैं परशुराम ने एक यज्ञ के दौरान अपने बाणों से समुद्र को कई स्थान पीछे धकेल दिया था। यही कारण है कि गोवा के कई स्थानों का नाम बाणस्थली है। उत्तरी गोवा में हरमल के पास भूरे रंग के एक पर्वत को परशुराम के यज्ञ करने का स्थान माना जाता है।

इस मंदिर को श्री मंगेश मंदिर के नाम से भी जाना जाता है और ये गोवा की राजधानी पणजी से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्‍थित है। बताते हैं पोंडा क्षेत्र में मोंगरी पहाड़ी के बीच बना यह मंदिर 18वीं शताब्दी में बनाया गया था।