करौली में घूमने की जगह। Places to visit in Karauli

करौली इतिहास प्रेमियों के लिए घूमने की एक अदभुद जगह है क्योंकि यह कई ऐतिहासिक आकर्षणों और मंदिरों से भरा हुआ है। करौली में लगभग 300 मंदिर स्थित है जो इसे एक लोकप्रिय धार्मिक स्थल बनाते हैं। यह शहर आपको राजस्थान समृद्ध, जीवंत और रंगीन विरासत की झलक दिखाता है। करौली भारत का एक प्राचीन शहर है जो राजस्थान राज्य में स्थित है। यह शहर श्री मदन मोहनजी के घर की प्रतिष्ठा रखता है जिन्हें भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है।

 

करौली में घूमने की जगह। Places to visit in Karauli


करौली सिटी पैलेस

18 वीं शताब्दी में राजपा गोपाल सिंह द्वारा महल का पुनर्निर्माण किया गया था। इस महल को बड़ी ही खूबसूरती के साथ लाल, सफेद और ऑफ-व्हाइट पत्थरों के उपयोग से बनाया गया है, जिसे देखने आपको जरुर जाना चाहिए। करौली सिटी पैलेस यहां का प्रमुख आकर्षण है जिसका निर्माण 14 वीं शताब्दी में अर्जुन पाल द्वारा करवाया गया था।

करौली सिटी पैलेस
करौली सिटी पैलेस

 

कैला देवी मंदिर

इस मंदिर को बहुत ही खूबसूरती के साथ बनाया गया है। कैला देवी मंदिर करौली से 23 किमी की दूरी पर स्थित है, जो देवी दुर्गा के 9 शक्ति पीठों में से एक है। आप करौली के पर्यटन स्थलों की सैर करने जा रहें हैं तो आपको इस भव्य मंदिर के दर्शन करने के लिए जरुर जाना चाहिए। यह मंदिर कालीसिल नदी के तट पर बसा हुआ है।

कैला देवी मंदिर
कैला देवी मंदिर

श्री महावीरजी जैन मंदिर

इस मंदिर के अंदर रखी भगवान की मूर्ति बहुत पुरानी है। श्री महावीरजी जैन मंदिर भगवान महावीर को समर्पित एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर के अंदर विभिन्न पौराणिक स्थितियों के सोने से बनी सुंदर नक्काशी है जो भक्तों और यात्रियों को आकर्षित करती है।

श्री महावीरजी जैन मंदिर
श्री महावीरजी जैन मंदिर

 

मदन मोहनजी मंदिर

मदन मोहनजी मंदिर करौली का एक प्रमुख मंदिर है जो भगवान कृष्ण को समर्पित है। इस मंदिर में भगवान कृष्ण की मूर्ति एक बहुत पुरानी है जिसके बारे में ऐसा माना जाता है कि यह अजमेर से श्री गोपाल एस नघजी द्वारा लाई गई थी। यह मंदिर दिखने में रंगीन है। भारी संख्या में भक्त इस मंदिर के दर्शन करने के लिए और भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए जाते हैं।

मदन मोहनजी मंदिर
मदन मोहनजी मंदिर

गोमती धाम

इस पवित्र धार्मिक स्थल में मां दुर्गा की मूर्तियाँ स्थापित हैं और यहां बहुत ही भक्ति के साथ माता की पूजा माता की पूजा की जाती है। यहां स्थित एक निर्मंल जलसेन तालाब इस जगह की पवित्रता को और भी ज्यादा बढाता है। अगर आप करौली की यात्रा करने जा रहें हैं तो इस पवित्र स्थल के दर्शन करना न भूलें।

गोमती धाम
गोमती धाम

गुफ़ा मंदिर

कैला देवी मंदिर की यात्रा करने के लिए आपको लगभग 8 किमी की पैदल दूरी तय करनी होगी। जंगल में जाते समय आपको बेहद सावधान रहना होगा क्योंकि किसी भी वक्त यहां जंगली जानवर हमला कर सकते हैं।

 

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर

हनुमान जी के इस मंदिर को बेहद पवित्र माना जाता है। अगर आप इस मंदिर के दर्शन करने जाते हैं तो यहां पर कई बुरी आत्माओं से पीड़ित लोगों को देख सकते हैं। राजस्थान में करौली के पास स्थित मेहंदीपुर मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है।

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर

 

भंवर विलास पैलेस

यह महल बेहद विशाल है और इसका निर्माण राजघराने के लोगों के लिए रहने के लिए किया गया था। भंवर विलास पैलेस अब आंशिक रूप से एक हेरिटेज होटल में बदल गया है। भंवर विलास पैलेस करौली के पास स्थित एक बहुत ही सुंदर महल है जिसको 1938 में करौली के शासक महाराजा गणेश पाल देव बहादुर की देखरेख में बनाया गया था।

भंवर विलास पैलेस
भंवर विलास पैलेस

तिमनगढ़ किला

इस किले का निर्माण 12 वीं शताब्दी में किया गया था लेकिन इसका 1244 में राजा समयपाल द्वारा पुनर्निर्माण किया गया था। अपने धार्मिक महत्व और ज्यामितीय पैटर्न के साथ यह किला सच में देखने लायक है। राजा समयपाल द्वारा पुनर्निर्माण किया गया था। इस किले के पास एक झील स्थित है जो इसे और भी ज्यादा आकर्षक बनाती है।

तिमनगढ़ किला
तिमनगढ़ किला

रामथरा का किला

इस किले में एक गणेश मंदिर और एक शिव मंदिर भी स्थित है। रामथरा का किला करौली से 15 किमी की दूरी पर स्थित है। किले पास स्थित झील और ग्रामीण इलाके किले की सुरम्य सुंदरता को बढाते हैं। यह बेहद भव्य रूप से बनाया गया है। किले पास स्थित झील और ग्रामीण इलाके किले की सुरम्य सुंदरता को बढाते हैं। इस किले में एक गणेश मंदिर और एक शिव मंदिर भी स्थित है।

रामथरा का किला
रामथरा का किला

 

 

राजा गोपाल सिंह की छत्री

गोपाल सिंह की छत्री अपने आकर्षण से हर साल बहुत सारे पर्यटकों को आकर्षित करती है। राजा गोपाल सिंह की छत्री नाडी गेट के बाहर स्थित है, जिसके बगल में एक एक सुंदर नदी स्थित है।

राजा गोपाल सिंह की छत्री
राजा गोपाल सिंह की छत्री

कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य

इस अभयारण्य में न केवल बहुत सारे पशु और पक्षी पाए जाते हैं बल्कि यहां पर बल्कि दो नदियाँ भी बहती हैं जो बनास नदी और चंबल नदी है। कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य कैला देवी मंदिर के पास स्थित है जो 680 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला है। इस अभ्यारण्य में नीलगाय, चिंकारा, जंगली हॉग, भेड़िये, भालू, बाघ, जंगली सुअर, जैकाल जैसे जानवर पाए जाते हैं।

कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य
कैलादेवी वन्यजीव अभयारण्य