महादेव के भक्तों के लिए एक अनूठा मंदिर जहाँ 1-2 नहीं बल्कि स्थापित हैं कुल 1 करोड़ शिवलिंग!

हमारे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में महादेव के भक्तों की कोई कमी नहीं है लेकिन ये बात भी सच है की दुनिया में महादेव के भक्तों की सबसे अधिक संख्या भारत में ही है। देश में ऐसे अनेकों प्राचीन और आधुनिक मंदिर भी मौजूद हैं जहाँ पूरे वर्ष लाखों भक्त दर्शन करने पहुँचते हैं।

हमारे देश में मौजूद 12 ज्योतिर्लिंग और इनके साथ अन्य कई मंदिर करोड़ों भक्तों की आस्था के बेहद बड़े केंद्र हैं जहाँ भोलेनाथ के भक्त दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं।

आज के हमारे इस लेख में हम आपको महादेव के एक ऐसे अद्भुत मंदिर के बारे में बताने वाले हैं जहाँ मंदिर का आकर ही आपको महादेव की महिमा सुनाता नज़र आएगा और यही नहीं यहाँ अपने चारों ओर 5-10 नहीं बल्कि 1 करोड़ शिवलिंग देखकर यकीन मानिये आपको हर कोने में महादेव के होने सा एहसास होगा। तो चलिए बताते हैं आपको इस अद्भुत मंदिर के बारे में…

कोटिलिंगेश्वर मंदिर, कोलार
जिस अद्भुत मंदिर की हम बात कर रहे हैं वो कर्नाटक राज्य के कोलार जिले में स्थित है जिसे कोटिलिंगेश्वर मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में प्रवेश करते ही एक बार तो आपके होश उड़ जायेंगे और साथ ही आप खुद को महादेव की भक्ति में विलीन महसूस करेंगे।

आपको बता दें कि यहाँ स्थित मुख्य मंदिर का आकार भी शिवलिंग के समान है और साथ ही इस मंदिर की ऊंचाई 108 फ़ीट है जो इसे दुनिया के सबसे ऊँचे शिवलिंगों में से एक बनाती है। शिवलिंग रुपी मंदिर के सामने ही 35 फ़ीट ऊँचे नंदी जी के भव्य दर्शन भी आपको होते हैं जो कि 60 फीट लंबे, 40 फुट चौड़े और 4 फीट ऊंचे चबूतरे पर विराजमान हैं।

साथ ही यहाँ मंदिर परिसर में 11 अन्य मंदिर भी स्थित हैं जिनमें ब्रह्माजी, विष्णुजी, अन्न्पूर्णेश्वरी देवी, वेंकटरमानी स्वामी, पांडुरंगा स्वामी, पंचमुख गणपति, राम-लक्ष्मण-सीता के मंदिर में मुख्य रूप से आप दर्शन कर सकते हैं। और यही नहीं यहाँ चारों ओर आपको 1 से 3 फ़ीट ऊँचे अद्भुत संख्या में शिवलिंग देखने को मिलेंगे जिनकी कुल संख्या करीब 1 करोड़ बताई जाती है।

मंदिर से जुड़ी मान्यताएँ
आपको बता दें कि इस मंदिर से जुड़ी ऐसी मान्यता है कि एक समय में देवराज इन्द्र ने गौतम ऋषि को श्राप दिया था और उससे मुक्ति पाने के लिए इसी स्थान पर गौतम ऋषि ने शिवलिंग की स्थापना की और फिर 10 लाख नदियों के जल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया।

इस बात से आप इस मंदिर की पवित्रता और इस स्थान के महत्त्व को समझ सकते हैं। इसके अलावा यहाँ इतनी अधिक संख्या में शिवलिंगों के होने के पीछे की वजह भी एक मान्यता है।

इसके अनुसार यहीं मंदिर परिसर में 2 वृक्ष स्थित हैं जिन पर पीला धागा बांधने से भक्तों की सच्चे मन से की गयी हर मनोकामना पूरी होती है और जब उनकी इच्छा पूरी हो जाती है तब वो भक्त यहाँ शिवलिंग की स्थापना करवाते हैं।

इसी तरह 5 शिवलिंग की स्थापना से शुरू हुई ये कहानी, 101, 1001 और अब करीब 1 करोड़ शिवलिंग तक पहुँच चुकी है। तो इस अद्भुत मंदिर के बारे में इतनी रोचक जानकारी के बाद अगर आपका मन यहाँ जाने का हो गया है।

आपको बता दें कि हवाई मार्ग से यहाँ पहुँचने के लिए आपको पहले बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पहुंचना होगा और फिर वहां से कोलार में काम्मासांदरा गाँव में स्थित कोटिलिंगेश्वर मंदिर तक पहुँचने के लिए आप बस या टैक्सी वगैरह करके पहुँच सकते हैं।

बेंगलुरु एयरपोर्ट से इस मंदिर की दुरी करीब 95 किलोमीटर है। इसके अलावा रेल मार्ग से यहाँ पहुँचने के लिए आप आसानी से कोरमण्डल (कोलार गोल्ड फ़ील्ड्स) के लिए ट्रेन लेकर वहां से सिर्फ 6 किलोमीटर दूर कोटिलिंगेश्वर महादेव मंदिर ऑटो वगैरह से पहुँच सकते हैं। सड़क मार्ग से भी कोलार देश के बड़े शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। कोलार शहर से मंदिर की दुरी करीब 30 किलोमीटर की है।

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