गुजरात में यहाँ स्थित है ये अद्भुत पहाड़ी जहाँ एक साथ मौजूद हैं 900 मंदिर !

हमारे देश में गुजरात प्रदेश पर्यटन के लिहाज़ से एक खास स्थान रखता है। भारत के पश्चिम में स्थित यह राज्य धार्मिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है जहाँ देश में मौजूद चार धामों में से एक श्री द्वारकाधीश धाम के साथ अनेकों प्राचीन और बेहद पवित्र स्थान स्थित हैं।

प्राकृतिक दृष्टि से भी गुजरात पर्यटन में काफी जगहें हमेशा पर्यटकों को आकर्षित करती रहती हैं और कच्छ में मौजूद सफ़ेद रण तो पूरी दुनिया में बेहद लोकप्रिय है।

लेकिन आज हम आपको गुजरात में ही स्थित एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जो दुनिया में इकलौती ऐसी जगह है जहाँ एक ही पहाड़ी पर 10-20 नहीं बल्कि कुल 900 प्राचीन और खूबसूरत मंदिर मौजूद हैं और यह एक बेहद पवित्र धार्मिक तीर्थ स्थल के तौर पर भी जाना जाता है।

पालीताणा तीर्थ स्थान, भावनगर, गुजरात
आपको बता दें कि पालीताणा दुनिया में एकलौती जगह है जहाँ शत्रुंजय नामक पर्वत पर एक साथ करीब 900 मंदिर मौजूद हैं। यह स्थान जैन धर्म का एक बेहद महत्वपूर्ण तीर्थ स्थान है और बताया जाता है कि पालीताणा शहर बेहद प्राचीन समय से ही जैन धर्म के साधुओं के लिए मोक्ष का एक प्रमुख स्थान रहा है।

कहा जाता है कि इन मंदिरों का निर्माण 11वीं शताब्दी से शुरू किया गया था और उसके बाद भी यहाँ मंदिरों का निर्माण आने वाले करीब 900 वर्षो तक चलता रहा। पालीताणा में स्थित शत्रुंजय पर्वत जैन धर्म में एक बेहद पवित्र तीर्थ स्थान माना जाता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि जैन धर्म में 24 में से 23 तीर्थंकरों ने इस स्थान पर अपनी यात्राओं से इस पहाड़ी को पवित्र किया है। इसीलिए यहाँ पहाड़ी की चोटी पर जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) का प्रमुख मंदिर भी स्थित है।

आपको बता दें कि पालीताणा तीर्थ का मुख्य मंदिर इस पहाड़ी पर सबसे अधिक ऊंचाई पर मौजूद है जहाँ पहुँचने के लिए करीब 3500 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। यहाँ मौजूद मंदिरों के निर्माण में मुख्य तौर पर मार्बल का उपयोग किया गया है और इन मंदिरों की वास्तुकला वाकई अद्भुत है।

मंदिरों को बेहद खूबसूरती से बनाया गया है और अगर आप सूर्योदय के समय यहाँ जाते हैं और सूर्य की पहली किरणों को इन मदिरों की चोटी पर पड़ता देखें तो यकीन मानिये यह दृश्य हमेशा के लिए आपके मन में सेव हो जायेगा। पालीताणा में इस पहाड़ी पर स्थित अधिकतर मंदिर जैन धर्म के तीर्थकरों को समर्पित हैं और इन मंदिरों को ‘टक्स’ के नाम से भी जाना जाता है।

पालीताणा के लिए खास बातें यही ख़त्म नहीं होती, आपको बता दें कि यह दुनिया का एकलौता शाकाहारी शहर है और यहाँ किसी भी तरह से किसी भी जानवर को खाने के लिए मारना बिलकुल अवैध है और साथ ही यहाँ अंडे और मांस बेचना भी पूर्ण रूप से वर्जित बताया जाता है।

पालीताणा कैसे पहुंचे?
आप चाहे हवाई, सड़क या फिर रेल मार्ग से जाना चाहते हों, पालीताणा पहुंचना बेहद आसान है। पालीताणा से निकटतम एयरपोर्ट भावनगर एयरपोर्ट है जो कि यहाँ से करीब 50 किलोमीटर दूर है। पालीताणा में खुद का रेलवे स्टेशन है जो गुजरात के लगभग सभी बड़े शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

इसके अलावा अगर आप गुजरात के बाहर से जाना चाह रहे हैं तो भी आपको सीधे पालीताणा के लिए ट्रेन मिल जाएगी या फिर भावनगर, वड़ोदरा जैसे शहरों तक ट्रेन तक पहुंचकर आगे का सफर सड़क मार्ग से कर सकते हैं।
पालीताणा सड़क मार्ग से भी आस पास के सभी राज्यों जैसे राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है तो आप किसी भी शहर से आसानी से खुद के वाहन, बस या फिर टैक्सी से पालीताणा आसानी से पहुँच सकते हैं।

तो अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो कृपया इस आर्टिकल को लाइक जरूर करें और साथ ही ऐसी अन्य जानकारियों के लिए हमसे जुड़े रहें।

साथ ही ऐसी अनेक जगहों के हमारे वीडियो देखने के लिए आप हमें हमारे इंस्टाग्राम अकाउंट @weandihana और यूट्यूब चैनल WE and IHANA पर भी फॉलो कर सकते हैं।

Instagram अकाउंट: https://www.instagram.com/weandihana/
YouTube चैनल लिंक: https://youtube.com/c/WEandIHANA