ये है उत्तराखंड की सबसे खूबसूरत जगह को एक बार घूम कर नहीं भरेगा मन, अगर अभी तक नहीं घूमे तो जल्दी बनाये प्लान

LANSDOWNE-IN-UTTARAKHAND

Lansdowne Trip: उत्तराखंड का में यूँ तो घूमने फिरने की बहुत सी जगहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी लैंसडाउन के बारे में सुना है। यह उत्तराखंड की खूबसूरत जगहों में से एक है।

यह जगह सर्दियों के मौसम और बादलों के लिए मशहूर है। इस जगह पर घूमने के लिए आपको कम से कम दो दिन में का समय लगता है। सबसे ख़ास बात यह है की आपको ये जगहे घूमने के लिए जयदा पैसा भी नहीं खर्च करना पड़ेगा आप बजट में यह जगह आराम से घूम सकते हैं।

अगर आप सर्दी के दिनों में कहीं घूमने जाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए लैंसडाउन हिल स्‍टेशन एक अच्‍छा ऑप्शन है। ये शार्ट टर्म ट्रिप के लिए एक अच्छा हिलस्‍टेशन है।

उत्‍तराखंड के पौड़ी घड़वाल जिले में स्थित यह जगह कम बजट और कम समय वालों के लिए बहुत अच्‍छी है। है। यहां सबसे ज्‍यादा ऋषिकेश, ब्रदीनाथ, केदारनाथ धाम आने वाले टूरिस्ट पहुंचते हैं।

इस जगहे पर आपको एक शानदार ताजगी का अनुभव होगा साथ ही आपको मेंटली और फिजिकली आपको बहुत ही आपको यहां पर आपको काफी रिलैक्स फील होगा।

लैंसडाउन की वादियों में घूमकर मानसिक सेहत काफी बेहतर हो जाती है। वैसे, यहां और भी ऐसी कई जगह हैं, जो आपके मन को तसल्ली और सुकून दे सकती हैं। आइए जानते हैं सर्दियों में लैंसडाउन आने पर आप कहां और कैसे घूम सकते है।

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टिप इन टॉप पॉइंट

यहां घूमने की जगहों में टिप इन टॉप बेस्‍ट प्‍लेस है। इसे टिफिन टॉप भी कहा जाता है। यह  शहर से करीब 1.5 किमी की दूरी पर है। इसके नाम से ही समझ आता है कि यह लैंसडाउन में सबसे ऊंची जगह है।

इसका आकर्षण धरती पर स्वर्ग के पुनर्जन्म जैसा है। इसके पास सेंट मैरी चर्च और माता संतोषी का मंदिर भी है। आप यहां भी जा सकते हैं। यही से वार मेमोरियल भी पास ही है।

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भीम पकोड़ा

भीम पकोड़ा यहां का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां बस एक बड़ा पत्थर दूसरे पत्‍थर के ऊपर रखा हुआ है। इस जगहों को देखने के लिए ही बस पर्यटकों की भीड़ यहां लगी रहती है।

ऐसा कहा जाता है कि महाभारत काल में पांडव इस पत्‍थर के आकार के पकोड़े ही अपना पेट भरते थे। इसलिए भोजन के अवशेष यहां पत्‍थरों के रूप में माने जाते हैं।

यहां चार छोटे छोटे पत्थरों के सबसे ऊपर 100 टन का बडा़ पत्थर है। जिस पर अगर एक हाथ भी रख दिया तो पूरी तरह से हिलता दिखता है। बड़े बड़े भूकंप के बाद भी यह पत्‍थर जैसा का जैसा बना हुआ है।