क्या आपने देखा है मध्य प्रदेश का मिनी गोवा, अगर नहीं तो तुरंत करे बैग्स पैक बनाये घूमने का प्लान

hanuwantiy MP

Hanuwantiya Island : हम सब अपनी ज़िन्दगी में एक ना एक बार गोवा जरूर घूमना चाहते है। जब भी कही घूमने का प्लान बनता है तो उस चर्चा में गोवा का नाम तो ज़रूर आता है।

ऐसेम में हम सबा के मन में गोवा घूमने की इच्छा तो जागती ही है। आज हम आपको हूबहू गोवा जैसी दिखने वाली जगह के बारे में बताने जा रहे हैं। इस जगह को मध्य प्रदेश का मिनी गोवा भी कहा जाता है। यहाँ हर दिन हजारों सैलानी घूमने पहुंचते हैं।

मध्य प्रदेश में मौजूद ओरछा, पचमढ़ी या मांडू जैसी चर्चित जगहों पर आप एक बार जरूर घूमने गए होंगे। लेकिन आज हम आपको मिनी गोवा के दर्शन के बारे में बताने जा रहे हैं। जी हां, मध्य प्रदेश में मौजूद ‘हनुवंतिया आइलैंड’ को मिनी गोवा के नाम से जाना जाता है। 

कहा है हनुवंतिया टापू 

हनुवंतिया टापू मध्य प्रदेश के खंडवा जिले स्थित है। यह इंदौर शहर से करीब 150 किमी और राजधानी भोपाल से करीब 233 किमी की दूरी पर मौजूद है। इसको ही मध्य प्रदेश का गोवा कहा जाता है।

क्यों कहा जाता है मिनी गोवा

मध्य प्रदेश में खंडवा जिले में स्थित हनुवंतिया टापू घूमने के लिए बेहद ही शानदार पर्यटक स्थल माना जाता है। कहा जाता है कि यहां गोवा की वाइब्स मिलती है। हनुवंतिया टापू को इंदिरा सागर बांध के निर्माण से उत्पन्न हुई मैन मेड विशाल झील भी बोला जाता है।

इसके अलावा हनुवंतिया टापू सिर्फ अन्य कई चीजों के लिए भी फेमस माना जाता है। कहा जाता है कि पर्यटक यहां फ्लोटिंग, बोटिंग के अलावा अन्य कई बेहतरीन वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज का लुत्फ उठा सकते हैं।

बर्ड लवर्स के ख़ास जगह

यहां पर आपको पक्षियों की मधुर आवाज सुनने को मिलती है। ऐसे में अगर आप भी बर्ड लवर हैं और पक्षियों की मधुर आवाज को सुनना चाहते हैं, तो फिर आप हनुवंतिया टापू पहुंच सकते हैं।

हनुवंतिया टापू के आसपास हजार से भी पक्षियों की प्रजातियों को करीब से देख सकते हैं। यहां प्रवासी पक्षियों को भी करीब से निहार सकते हैं।

हनुवंतिया टापू का जल महोत्सव

यहां पर होने वाला जल महोत्सव यहां का सबसे आकर्षक केंद्र माना जाता है। कहा जाता है कि यहां हर साल जल महोत्सव का आयोजन होता है और इस जल महोत्सव में हजारों देशी और विदेशी पर्यटक घूमने के लिए पहुंचते हैं।

आपको बता दें कि हनुवंतिया टापू में जल महोत्सव पहली बार फरवरी 2016 में आयोजित किया गया था और इसके बाद से यहां हर साल 10 दिनों तक जल महोत्सव का आयोजन किया जाता है।