कोटा के नजदीक ये है 3 सबसे खूबसूरत झरने, मानसून में जरूर बनाए घूमने का प्लान

Rajasthan waterfalls

Rajasthan Waterfalls : यूँ तो राजस्थान की बात आते ही सबके दिमाग में रेगिस्तान का नाम सबसे पहले आता है। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहें है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है।

वैसे तो यहां पर बहुत सी घूमने की जगह है लेकिन हम आज बात करेंगे राजस्थान के कोटा में छुपे कुछ खूबसूरत झरनों के बारे में, जिनके बारे में लोगों को कुछ ख़ास जानकारी नहीं है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ जगहों से रूबरू करवाने जा रहें हैं।

पाड़ाझर झरना : यह झरना कोटा से लगभग 57 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भैंसरोडगढ़ अभयारण्य के अंदर है। यह झरना सुंदर वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर पाड़ाझर महादेव का मंदिर भी स्थित है।

यहां सीढ़ियों से नीचे उतरकर घाटी से झरने का खूबसूरत दृश्य देखा जा सकता है। यहां की ख़ूबसूरती और वातावरण बिलकुल हिमाचल जैसा अनुभव कराती है|

पाड़ाझर महादेव झरना पहुंचने का रास्ता आधा कच्चा और आधा पक्का है। यहां पर बाइक से आसानी से पहुंच सकते हैं। यह झरना जंगल में होने के कारण रास्ते में आपको पेड़ पौधे, जंगली जीव भी देखने को मिल सकते हैं।

बरसात के समय यह झरना बहुत सी शानदार दिखाई देता है, क्योंकि यहां पर बरसात के समय हरियाली के साथ -साथ रास्ते में बहुत सारी छोटे-छोटे नदियां देखने को मिलती है।

भीमलत झरना : यह झरना कोटा से 80 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यह एक बहुत ही आकर्षक वाटरफॉल है जहाँ पर हर कोई जाना पसंद करता है। यह झरना 60 मीटर की ऊंचाई से गिरता है, जिसकी सुंदरता देखते ही बनती है। राजस्थान की रेगिस्तानी भूमि के बीच भीमलत वॉटरफॉल (Bhimlat Waterfall) पर्यटकों के लिए एक आनंदमयी जगह है।

अगर आप भीमलत वाटरफॉल घूमने के लिए जाना चाहते हैं तो आपको बता दें कि यह बूंदी 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति है। भीमलत वाटरफॉल राजस्थान राज्य के सबसे सुंदर झरनों में से एक है। यहाँ पर आप देखेंगे कि झरने का पानी बेहद उंचाई दे एक कुंड में गिरता है।

गैपरनाथ वॉटरफॉल : यह कोटा से लगभग 17 किमी की दूरी पर स्थित है। यह झरना गैपरनाथ महादेव मंदिर के पास में स्थित है। इस झरने का पानी सीधा शिवलिंग के ऊपर आता है। यह झरना केवल बारिश के दिनों में ही नहीं बल्कि सालभर बहता है।

मंदिर में पहुंचने के लिए यहां लगभग 300 सीढिया उतरनी पड़ती हैं। यह मंदिर लगभग 500 साल पुराना है। यहां से नज़ारा देखने लायक होता है। यह एक सुन्दर और मनमोहक पर्यटन स्थल है। जो पर्यटकों के लिए पिकनिक, प्रकृति फोटोग्राफी, छोटे ट्रेक सहित अन्य वजह से लोगो के बीच लोकप्रिय हैं।

अगर आप यहाँ जाने का प्लान कर रहें हैं तो बारिश के दिनों में जाए। यहां जाकर आपको सावधानी से रहने की ज़रूरत है , क्योकि पानी का बहाव कभी भी तेज हो सकता है, इसलिए यहां पर सावधानी से मौसम का लुत्फ उठाए।